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Rahul Gandhi और कांग्रेस की अपरिपक्वता 1

राहुल गांधी का परिचय


राहुल गांधी  के पिता है भूतप्रुव प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी और इनके माता का नाम श्रीमती सोनिया गांधी (antonio mananio) है जो मूलतः इटली देश कि निवासी थी।


राहुल गांधी नानी थी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पर नाना थे भारत वर्ष के पहले प्रधान मंत्री  स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरु।


राहुल गांधी का परिचय यही है की वे गांधी परिवार के सदस्य है। राज व्यवस्था और लोकतंत्र में अंतर इतना है कि राज व्यवस्था में राजा  हमेशा राजा का पुत्र ही होता है चाहे वो योग्य हो अथवा नहीं। लोकतंत्र में राज सत्ता उसे प्राप्त होती है जिसे जनता चुनती है।


स्वतंत्रता के बाद दुर्भाग्य यह रहा है कि भारतीय लोकतंत्र में अब तक वंशवाद की परंपरा चली आ रही है। एक सफल नेता का पुत्र सफल नेता बन सकता है । परन्तु उसे अनुभव हासिल करना पड़ेगा खुद को प्रमाणित करना पड़ेगा तभी वह लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता है।





राहुल गांधी के सम्बन्ध में यह एक बात वंशवाद की तरफ इंगित करता है की राहुल गांधी का चुनाव कांग्रेस संगठन डायरेक्ट  प्रधानमंत्री के रूप में करती है जिसे भारतीय जनता अभी तक अस्वीकार कर रही है।


मेरा मानना है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रेस में जाने से पहले खुद को साबित करना चाहिए छोटे छोटे जीमदरियों को लेकर। परन्तु राहुल गांधी अपने पैतृक चुनाव क्षेत्र अमेठी तक को भी गंवा दिया जिसपर काफी समय तक गांधी परिवार चुनाव जीतता रहा है।


जिससे राहुल की घटती लोप्रियता दिखती है।मेरा मानना यह है की राहुल गांधी फिर से सफल हो सकते है।परंतु राहुल गांधी को कांग्रेस अवर खुद का आत्मनिरीक्षण करने की आश्यकता है। बिना बदलाव के सफलता मिलना मुश्किल है।


कांग्रेस के अलोकप्रियता के कारण


भारतीय कांग्रेस पार्टी दिनोदिन अलोकप्रिय होती जा रही है जिसका कई कारण है।


समय के साथ बदलाव ना करना

गांधी परिवार का नेतृत्व

गलत विदेशी सम्बन्ध 


समय के साथ बदलाव ना करना


कांग्रेस पार्टी का अलोकप्रिय होने का कारण है पार्टी के मूल नीतियों, नेताओं ,सोच में बदलाव ना होना।किसी भी संगठन का सफल होने के लिए दो कारक महत्वपर्ण है।  दूरदर्शी थिंक टैंक और कार्यकर्ता जो अपने कार्य को पूरी ईमानदारी से करे।


भारतीय कांग्रेस पार्टी में थिंक टैंक के नाम पर अराजक तत्वों की भरमार है जिनका प्रमुख उदेश्य खुद का हीत साधना है।अराजक तत्वों के साथ परेशानी ये होती है कि वो दूरदर्शी कभी नहीं हो सकते। दूरदर्शी व्यक्ति दूसरे के मन को पढ सकने की क्षमतओं से परिपूर्ण होता है।और अराजतावादियों में अगर दूरदर्शिता आभी जय तब भी प्रकृति का एक सिस्टम है जिसमें गलत कभी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकता है।


गलत व्यक्ति के द्वारा बनाया गया नीति कभी जन लोक कारी नहीं होती । कांग्रेस के नेताओं को लगता है की भारतीय जनमानस पहले की तरह ही है।जिसमे इन अराजक तत्वों के द्वरा बनाई गई नीति और कथन ही सत्य है। इन्होंने जो कह दिया वहीं सत्य है।


भारत में 130 करोंड जनता निवास करती है अतः सत्य वहीं होगा जो बहुमत का समर्थन होगा ना कि किसी एक पार्टी की सोच ।कांग्रेस की गलत सोच और नीति जो उसकी छति की कारक है निम्न है।


मुस्लिम तुषटिकरण

गलत प्रोपेगेंडा

बोट बैंक की राजनीति





गांधी परिवार का नेतृत्व


कांग्रेस की मजबूरी ये है की उसमे गांधी परिवार के बीना आगे बढ़ने की क्षमता का आत्मविश्वास नहीं है कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के बीना कुछ नहीं है ।कांग्रेस पार्टी अराजकतत्व और सत्ता लोलूप नेताओं की जमघट है जिन्हें गाधी परिवार के आड़ में छुपाने की आड़ मिल जाती है। और उन्हें ये लगता है की गांधी परिवार के आड़ में ये अपने मंसूबों में सफल हो सकते है।जो हाल फिलहाल के समय में यह सम्भव होते हुए दिखाई नहीं देता।


गलत विदेशी संबंध


राजनीति के गहरे समझ वाले सभी लोग इस बात को दबी जुबान में स्वीकार करेंगे की राजनीति में विदेशी ताकतों का दखल थोड़ी या ज्यादा मात्रा में अवश्य होता है। कांग्रेस पार्टी का झुकाव कम्युनिस्ट देशों की तरफ रहा है।


जब तक रूस शक्तिशाली था तबतक कांग्रेस का झुकाव रूस की तरफ था और तब तक कांग्रेस जीतती रही गांधी परिवार के छाए के तले रूस के समर्थन में।रूस के कमजोर होने के बाद कांग्रेस का झुकाव चीन की तरफ हुआ चीन हमरा शत्रु है और साथ ही अदूरदर्शी क्रू देश।यही कारण है कांग्रेस को अलोकप्रिय होने का।


सारांश


भारतीय जनता पार्टी को सफल होने के कारण है नरेंद्र मोदी जी का दूरदर्शी अनुशासित नेतृत्व और अनुशासित वर्षों का कठिन परिश्रम साथ में अमेरिका जैसे सफल और लोकतांत्रिक देश का समर्थन।



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