किसान आंदोलन और विपक्ष kisanandolan aur vipaksh 2020

किसान आंदोलन कसे और क्यों

किसान आंदोलन विपक्ष की राजनीति का परिणाम है।  विपक्ष की सत्ता की  लोलुपता पावर प्राप्त करने की नसा ने विपक्ष की देशद्रोह जैसे कार्य करने से भी गुरज नहीं है।किसान आन्दोलन असामजिक तत्व और देशविद्रोही शक्तियों को अपने शक्ति प्रदर्शन हेतु भीड़ का जमावड़ा का स्थल मात्र है।


इस में दो राय नहीं है की इसमें कुछ थोड़ी मात्र में  किसान भी एकत्रित है और ये भी सही है की किसान बिल में कुछ खामियों भी है। परन्तु ये आंदोलन  किसान हित के लिए किया गया  आन्दोलन नहीं है। ये मात्र मोदी विरोध और देश विरोध का एक प्रदर्शन है।


जिसने कुछ अज्ञानी मासूम व्यक्ति का उपयोग हो रहा है अपने हित और देश को अस्थीर करने हेतु। किसान आंदोलन एक बड़ी दुर्घटना का स्थल भी हो सकता है । अतः सरकार को चाहिए की इनसे बुधमिता से और जल्दी निपटे वरना ये अपने मंसूबों में कामयाब हो सकते है 






किसान आंदोलन के पिक्षे की मंशा


 किसान आंदोलन को समझने के लिए हमे jeo political राजनीति को समझना होगा। एक जंगल में दो शेर नहीं रह सकते ।इस विश्व को जंगल मानकर दो शेर अमेरिका और  चीन को मान सकते है चीन अमेरिका को आंख का कांटा बन गया है। और अमेरिका का साथ चाहिए भारतीय महादीप में जो भारत दे रहा है


चीन नहीं चाहता भारत का दबदबा है भारतीय महदीप में इस वजह जे दोनों अपने सत्रु के रूप में देखते है।उसक उदाहरण है। गलवान संघर्ष।


भारत हर तरह से अमेरिका के साथ पा कर चीन को सफल चूनावती दे रहा है बाहर की choonawtion को सफल चीन कंटर नहीं कर पा रहा है अतः विपक्षीय netwonon के सहयोग से चीन भारत को अस्थिर करना चाह रहा है।जिसमे दो फ़ॉन्ट वार अवर आंतरिक वीडियो यह चीन की चाल है। और मेरी शी का एक रूप है किसान आंदोलन



  

सरकार को एक्शन ना लेने के कारण


भारत एक लोतांत्रिक देश है यहां सबको अपने बात रखने कि स्वंत्रता है । परंतु हमारी स्वतंत्रता की रेखा वांहा समाप्त हो जाती है जन्हा से दूसरे की स्वंत्रता शुरू होती है।


मोदी जी को लोकतंत्र का मन में बहुत आदर है मोदी जी का मानना है की एक सही आलोचना व्यक्ति के व्यक्तित्व को उच्चतम स्तर तक ले जाने में सहायक होता है।


अराजतावादियों के अर्जकता फैलाने से रोकने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि सारे हमारे देश के नागरिक है और मोदी जी चाहते है की उनका व्यक्तित्व एक तानाशाह के रूप में ना हो।


दूसरा कारण है भारतीय जनता पार्टी यह चाहती है की ये अराजकता वादी एसा कुछ करें जिससे इन्हे एसा सबक सिखाया जा सके जिससे ये दुबारा ऐसे हरकत ना कर सकें।


ऐक्शन क्या होगा कैसे समाप्त होगा ए आंदोलन


मोदी जी जानते है की ये चीन द्वारा फंड किया गया आंदोलन है।सरकार चाहती है की ज्यादा से ज्यदा दीन तक ये आंदोलन चले जिससे ज्यादा फंड खर्च हो अंत में जब फंड खत्म हो तब कुछ लोग जो पैसे के लालच में धरने में बैठे है वह वांहा से चले जाएं।


अंत में जो  बचेंगे वे अराजकतत्व होंगें जो अपनी खिज़ को मिटाने के लिए कुछ असमाजिक कृत्य करेगें जिससे सरकार सख्ती से निपट सकती है।


विघटनकारी अराजक ततवों की मंशा


अराजक तत्व की मंशा यह है की मोदी जी बिल की वापस तो नहीं लेंगे ये सब जानते है इनकी मंशा यह है की ये कुछ अराजकता फैलाएं और सरकार के द्वारा सख्त कदम उठाया जाए जिसे सीख समुदाय का मोदी जी और भारत सरकार के प्रति एक नफरत की भावना जन्म ले जिनका उपयोग ये लंबे समय तक भारत के खिलाफ कर सके।


भारतीय समाज की विडम्बना यह है की लोगों मे जागरूकता की कमी है और यहां बड़ी संख्या में जो लोग कह दे उसे जानता अपने विवेक का इस्तमाल किए बैगर सही मान कर उसपे विश्वास कर लेते है।


 परन्तु मोदी जी के द्वारा किए गए कार्यों से विश्वास उत्पन होता है की इस विघटनकारी शक्तियों से निपटने के लिए सरकार के पास कोई ना कोई रास्ता सोच लिया गया होगा जो अंततः भारत के हीत में होगा।




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